सेबी के इस फैसले के बाद रिलायंस के शेयर में भारी गिरावट देखने को मिली है। अनिल अंबानी के पास समूह वाली कंपनिया जैसे- रिलायंस पावर और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस कम्युनिकेशंस इतियादी के शेयरो ने अत्यधिक तेजी से निचले सर्किट की सीमा को छू लिया है क्योंकि बाजार के नियामक सेबी ने उद्योगपति और 25 अन्य को रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से धन के हेर-फेर के आरोप में पांच साल के लिए बाजार से प्रतिबंद कर दिया था। जिसके चलते बाद के निवेशको ने शेयर खरीदने बंद कर दिए है। अनिल अंबानी के रिलायंस पावर का शेयर बीएसई पर 4.99 प्रतिशत गिर कर 33.70 रूपये की निचली सर्किट की सीमा को छू लिया है।
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सेबी के द्वारा अनिल अंबानी पर कुल 25 करोड़ का जुर्माना लगाया है। अनिल अंबानी पर पांच साल तक के लिए किसी भी सूचीबद्ध कंपनी या प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक(केएमपी) के रूप में काम करने पे रोक लगा दिया गया है। अनिल अंबानी कि रिलायंस होम फाइनेस लिमिटेड के फंड में हेल्पिंग का आरोप लगाने वाली कई शिकायत मिलने के बाद ही सेबी ने अपने किसी भी नियामक उल्लंघन का पता लगाने के लिए पिछले वित्त साल 2018-19 की अवधि में जांच किये थे। अनिल अंबानी की कुल 25 संस्थाओ पर 21 करोड़ से लेकर 25 करोड़ रूपये तक का जुर्माना/ हर्जाना भुक्तान लगाया गया है। इसके साथ ही नियामक ने रिलायंस होम फाइनेंस को 6 महीने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है और उसपे 6 लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया है।
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अनिल अंबानी के इस सेबी ने गुरुवार को अपने 223 पन्नो के आदेश के अनुसार कंपनी के प्रबंधक और प्रमोटर द्वारा कई सेकड़ो करोड़ रूपये के लोन को मंजूरी देने में उनकी लापरवाही बताया है। सेबी ने यह भी कहा है कि अनिल अंबानी के पास बहुत कम संपत्ति और नेटवर्थ, और न ही राजस्व था। सेबी ने यह भी कहा है कि ऋण के पीछे एक भयावह उदेश्य का संकेत करता है।
