सऊदी अरब के शाही परिवार प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कांग्रेस के सदस्य को कहा है कि इजरायल के साथ एक बड़ा सौदा कर अपनी जान जो जोखिम मेर डाल रहे है। इस बात में सऊदी-इजरायल सम्बन्धो को सामान्य बताया है। सऊदी अरब ने कम से कम एक मोके पर सऊदी ने इजरायल के साथ शांति समझोता के बाद में मारे गए मिश्र के अनवर सादात नेता का हवाला देते हुए पूछा कि अमेरिका ने अपने सादात की रक्षा में क्या किया।
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सऊदी अरब के इस बातचीत के बारे में एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने बताया है कि जिसको बातचीत के बारे में जानकारी थी। इस प्रकार के विषय का विवरण न करने और नाम नहीं बताने की अनुमति दी गयी थी। सऊदी अरब कि चर्चाये गंभीर रही है। इस जोखिम के बाद भी अमेरिका और इजरायल के साथ मेगा डील करने को तैयार है। सऊदी अरब इसे अपने देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते है।सऊदी अरब के इस बड़े पैमाने पर गुप्त ओर भी विकासशील समझौते का व्यापक रूपरेखा अलग-अलग रिपोर्टो में उभरा है। सऊदी अरब के लिए अनेक प्रकार अमेरिकी प्रतिबद्धताएं शामिल किये है। इस विषय संधि के माध्यम से सुरक्षा की गारंटी, प्रोधोगिकी और नागरिक परमाणु कार्यकर्म पर सहायता जैसे आर्थिक निवेश शामिल किये गए है। सऊदी अरब और चीन ने अपने लेन-देन को सीमित करने को कहा है। सऊदी अरब के इस महत्व को देखते हुए इजरायल के लिए एक बड़ा वरदान है।
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गाजा में कुछ दिन पहले हुए हिंसा ने सऊदी अरब और इजरायल के बीच सामान्यीकरण वार्ता को अत्यदिक प्रभावित किया है। हमास के नेतृत्व में 7 अक्टूबर को आतंगवादियो ने दक्षिण इजरायल पर हमला कर दिया था जिससे लगभग 1300 लोग मारे गए और 252 बंधक बनाए गए। यह एक बड़ी हिंसा के कूटनीतिक परिदृश्य को कठिन बनाया गया था। अब अमेरिका और सऊदी अरब के इस योजना के अनुसार समझोते को आगे कि ओर बढ़ाना मुश्किल हो गया है।
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